उत्तराखण्ड देहरादून नैनीताल न्यूज राजनीति वाइरल ख़बर हल्द्वानी

मुद्दाविहीन कांग्रेस का सहारा अब सिर्फ झूठ और भ्रम : सीएम धामी।

मुद्दाविहीन कांग्रेस का सहारा अब सिर्फ झूठ और भ्रम : सीएम धामी।

गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता

 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुद्दों के अभाव में विपक्ष अब झूठ, भ्रम और बेबुनियाद आरोपों के सहारे राजनीतिक नैरेटिव खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस के हर आरोप का जवाब तथ्य, दस्तावेज और प्रमाण के साथ देने के लिए तैयार है।

 

 

 

कैम्प कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़कर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, बाद में सामने आए तथ्यों के मुताबिक घटना से जुड़े पांच लोग अनुसूचित जाति समाज से थे। उन्होंने संवेदनशील सामाजिक मुद्दों पर बिना तथ्यों के राजनीति किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

 

 

 

UIIDB को लेकर लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 7,000 बीघा जमीन दिए जाने की बात कही, जबकि सरकार के अनुसार बोर्ड को अब तक कुल 45 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि UIIDB का उद्देश्य पर्यटन और आधारभूत ढांचे के विकास के माध्यम से निवेश, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

 

 

 

ऊर्जा खरीद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल के फैसलों का भी हिसाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय हुए गैस पावर करार के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को गैस आधारित बिजली के लिए 31.71 रुपये प्रति यूनिट तक भुगतान करना पड़ा। वहीं, वर्तमान सरकार ने 1320 मेगावाट बिजली की व्यवस्था करीब 5.74 रुपये प्रति यूनिट की दर से 25 वर्षों के लिए सुनिश्चित की है।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीक ऑवर में राज्य को कई बार महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है, ऐसे में दीर्घकालिक बिजली व्यवस्था प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार से सवाल करने का अधिकार है, लेकिन सवाल तथ्यों के आधार पर होने चाहिए।

 

 

 

अंकिता भंडारी प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई की। उनके अनुसार, मामले में तीनों दोषियों को निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है और अगस्त 2026 में उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं। उन्होंने बताया कि अंकिता के माता-पिता की मांग पर राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति की थी और फरवरी 2026 में सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सरकार पहले दिन से गंभीर रही है और आगे भी कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।

 

 

 

सीएम धामी ने कहा कि भाजपा सरकार अपने निर्णयों में पारदर्शिता, नियमों और प्रदेशहित को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितने आरोप लगाए, सरकार हर सवाल का जवाब तथ्यों और प्रमाणों के साथ देगी।