स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने फहराया तिरंगा, सात बड़ी घोषणाओं से विकास का खाका।
गुरजोत सिंह राठौर-सवांददाता
देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के बाद मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान के साथ समारोह आगे बढ़ा। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अमर शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। समारोह में 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी देने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग, स्टार्टअप, खेल और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने की सात महत्वपूर्ण घोषणाएं
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात बड़ी घोषणाएं कीं। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में पहला युवा आयोग बनाया जाएगा। सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी।
इसके अलावा प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान और आधुनिकता के साथ संस्कृति एवं पहचान को मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी।

