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कॉर्बेट में वन्यजीवों की लोकेशन शेयर करने वालों पर शिकंजा, 5 सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस।

कॉर्बेट में वन्यजीवों की लोकेशन शेयर करने वालों पर शिकंजा, 5 सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस।

 

गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता

 

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और आसपास के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की लाइव लोकेशन, मूवमेंट और टाइगर की टाइमिंग सोशल मीडिया पर साझा करने वालों पर वन विभाग ने शिकंजा कस दिया है। वायरल वीडियो के जरिए वन्यजीवों की लोकेशन सार्वजनिक कर मौके पर भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए विभाग ने ऐसे पांच सोशल मीडिया अकाउंट्स/ब्लॉगर्स को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं।

 

 

 

कॉर्बेट से लगी सीमाओं, मुख्य सड़कों और जंगलों को जोड़ने वाले कॉरिडोर क्षेत्रों में अक्सर वन्यजीव सड़क पार करते हुए नजर आते हैं। इनकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच सकते हैं। खासकर बाघों की मौजूदगी को लेकर सुबह-शाम की टाइमिंग और सटीक लोकेशन साझा किए जाने से स्थिति और संवेदनशील हो जाती है।

 

 

 

वन विभाग के मुताबिक, ऐसी पोस्ट से वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में बाधा पड़ सकती है। भीड़ बढ़ने से वन्यजीवों के साथ-साथ राहगीरों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ जाता है।

 

 

 

शिकारियों तक पहुंच सकती है संवेदनशील जानकारी

वन विभाग ने यह भी चिंता जताई है कि वन्यजीवों की सटीक लोकेशन और उनके मूवमेंट की जानकारी सार्वजनिक होने पर इसका दुरुपयोग हो सकता है। संवेदनशील जानकारी गलत हाथों तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए विभाग ने सोशल मीडिया यूजर्स से ऐसी जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।

 

 

 

वीडियो बनाना गलत नहीं, लेकिन लोकेशन शेयर करना जोखिम भरा

विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की फोटोग्राफी या वीडियो बनाना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन व्यूज और वायरल कंटेंट के लिए लाइव लोकेशन, सटीक समय और मूवमेंट सार्वजनिक करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

 

 

 

कॉर्बेट प्रशासन ने लोगों से वन्यजीवों को सुरक्षित दूरी से देखने और उनकी मौजूदगी वाली जगह की सटीक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की अपील की है। विभाग की सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

 

 

 

पांच सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस जारी होने के बाद अब वन्यजीवों की लोकेशन और मूवमेंट सार्वजनिक करने वाले अन्य अकाउंट्स पर भी वन विभाग की नजर है।