मसूरी गोलीकांड की वर्षगांठ पर राज्य आंदोलनकारियों ने शहीदों को किया नमन, जनसवालों पर एकजुटता का आह्वान।
गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता
रामनगर। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान 2 सितंबर 1994 को हुए मसूरी गोलीकांड की वर्षगांठ पर बुधवार को उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी मंच की ओर से लखनपुर स्पोर्ट्स क्लब में गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों ने मसूरी गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सपनों के उत्तराखंड के निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
गोष्ठी की अध्यक्षता प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की शीला शर्मा ने की, जबकि संचालन राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने किया। मुख्य वक्ता प्रख्यात जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने कहा कि जिन उम्मीदों और जन आकांक्षाओं के साथ सभी वर्गों, धर्मों और समुदायों के लोगों ने राज्य आंदोलन में भाग लिया था, वे अपेक्षाएं आज भी पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने अपने जनगीतों के माध्यम से आम जनता के बुनियादी मुद्दों को उठाया और उनके समाधान के लिए संघर्ष का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी स्थायी राजधानी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार, पलायन, जल-जंगल-जमीन के अधिकार, कृषि संकट, जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दे बने हुए हैं। उन्होंने सरकारों की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहीदों के सपनों और राज्य की मूल अवधारणा के अनुरूप नीतियां नहीं बनने के कारण उत्तराखंड अपने मूल उद्देश्यों से भटक गया है।
राज्य निर्माण आंदोलनकारी मंच के संयोजक चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सभी नागरिकों और सामाजिक संगठनों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। उन्होंने जनहित के मुद्दों पर व्यापक आंदोलन की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड, नेपाल और देश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान चंद्रशेखर जोशी, प्रभात ध्यानी, डॉ. धनेश्वरी घिल्डियाल, सुमित्रा बिष्ट, पीतांबरी रावत, गिरीश चंद्र आर्य, नवेंदु मठवाल, सुमित (आइसा), योगेश सती, इंद्र सिंह मनराल, पूर्व दर्जा मंत्री पुष्कर दुर्गापाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, सभासद सचिन कुमार, राजेंद्र खुल्बे, हीरा बल्लभ पाठक, नवीन नैथानी, लालता प्रसाद श्रीवास्तव, मोहन चंद तिवारी, नवेंदु जोशी, बचे सिंह डंगवाल, हेम पांडे, दिनेश सत्यवली, बसंत लाल वर्मा, शीला शर्मा, नीता और तुलसी छिम्बाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

