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जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में खुलीं कई खामियां, जांच के निर्देश।

जिला पंचायत कार्यालय के औचक निरीक्षण में खुलीं कई खामियां, जांच के निर्देश।

 

गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता

 

नैनीताल। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय नैनीताल का औचक निरीक्षण किया। करीब दो घंटे चले निरीक्षण में विकास योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, कर वसूली, सरकारी अभिलेखों, परिसंपत्तियों और कर्मचारियों की उपस्थिति से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं। सीडीओ ने सभी मामलों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 

निरीक्षण के दौरान केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं के साथ 15वें वित्त आयोग से मिली धनराशि के उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त करीब 17 से 18 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की समीक्षा की गई। जिला योजना, सांसद निधि और विधायक निधि से मिली धनराशि का भी विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

 

 

 

नक्शा पास करने के मामलों में मिली कमियां

भवन और नक्शा पास करने से जुड़े अभिलेखों की जांच में कुछ प्रकरणों में जरूरी तिथियां, हस्ताक्षर, शुल्क जमा होने के दस्तावेज और रसीदों से संबंधित कमियां सामने आईं। सीडीओ ने इन सभी प्रकरणों की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच पूरी होने तक जेई समेत तीन संबंधित कार्मिकों को अन्य कार्यालय में संबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमति ली जाएगी।

 

 

 

डिस्पैच रजिस्टर और सरकारी फाइलों को लेकर नाराजगी

निरीक्षण के दौरान डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितता सामने आई। निरीक्षण टीम के सामने ही रजिस्टर में प्रविष्टियां किए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए।

 

 

 

वहीं कनिष्ठ और वरिष्ठ अभियंताओं से संबंधित करीब 50 से 55 पत्रावलियां कार्यालय के बाहर हल्द्वानी स्थित आवास पर रखे जाने की जानकारी सामने आई। सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना सरकारी पत्रावलियों को कार्यालय से बाहर रखना उचित नहीं है। मामले को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाकर जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 

 

 

कर्मचारियों की उपस्थिति की भी होगी जांच

निरीक्षण में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय में अनुपस्थित रहने तथा लंबे समय तक कार्यालय में उपस्थित नहीं होने की जानकारी भी सामने आई। वर्ष 2026 में कर्मचारियों द्वारा लिए गए सीएल की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने उपस्थिति और अवकाश अभिलेखों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा कर अनधिकृत अनुपस्थिति मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

 

 

कर वसूली और परिसंपत्तियों का मांगा अपडेट

जिला पंचायत की कर वसूली में कमी और संबंधित रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं होने पर भी सीडीओ ने नाराजगी जताई। लंबित कर की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई और नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए।

 

 

 

जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के अभिलेखों की भी जांच की गई। वर्ष 1955-56 से चली आ रही कुछ लीज के नवीनीकरण और वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने को कहा गया।

 

 

 

अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण होम स्टे पर कार्रवाई के निर्देश

जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली गई। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढों को भरने और निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

 

 

 

सीडीओ अरविंद कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि निरीक्षण में सामने आए सभी बिंदुओं, लंबित प्रकरणों, वित्तीय स्थिति और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी मामलों की समग्र रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी और जांच में जो तथ्य व जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, पटवारी भीमताल हेम जोशी समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।