उत्तराखण्ड जनहित देहरादून नैनीताल न्यूज

नैनीताल में भू-कानून के तहत बड़ी कार्रवाई, सात प्रकरणों में 1.822 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित।

नैनीताल में भू-कानून के तहत बड़ी कार्रवाई, सात प्रकरणों में 1.822 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित।

 

गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता

 

नैनीताल, 26 सितंबर। निर्धारित प्रयोजन के विपरीत भूमि का उपयोग किए जाने के मामलों में न्यायालय उपजिलाधिकारी, नैनीताल ने कार्रवाई करते हुए सात प्रकरणों में कुल 1.822 हेक्टेयर यानी 91 नाली 1 मुट्ठी भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं।

 

 

 

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के तहत धार्मिक और कृषि प्रयोजन के लिए खरीदी गई भूमि का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग नहीं किए जाने की पुष्टि स्थलीय जांच और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण में हुई।

 

 

 

उपजिलाधिकारी नवाज़िश खलिक के अनुसार ग्राम कमड़ा और पट्टी मल्ली कुटौली तथा ग्राम शीतला में विभिन्न व्यक्तियों द्वारा धार्मिक प्रयोजन के लिए कुल 1.562 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई थी। स्थलीय निरीक्षण के दौरान इन जमीनों पर कोई धार्मिक गतिविधि संचालित नहीं मिली और भूमि खाली पड़ी हुई थी।

 

 

 

वहीं ग्राम सतबूंगा, पट्टी सतबूंगा में कृषि प्रयोजन के लिए खरीदी गई 0.260 हेक्टेयर भूमि का कृषि कार्य में उपयोग नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान भूमि बंजर अवस्था में पाई गई।

 

 

 

प्रशासन के अनुसार संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया। इसके बाद क्रय संबंधी अनुमति, राजस्व अभिलेख, अनुमति की शर्तों, उपलब्ध साक्ष्यों और स्थलीय जांच रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। जांच में भूमि का उपयोग उस निर्धारित प्रयोजन के लिए नहीं किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर उसे खरीदने की अनुमति दी गई थी।

 

 

 

इसके बाद न्यायालय उपजिलाधिकारी, नैनीताल ने उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की उत्तराखंड में यथाप्रवृत्त धारा 166/167 के तहत सातों प्रकरणों में संबंधित भूमि अंतरण को विधि-विरुद्ध मानते हुए कुल 1.822 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए।

 

 

 

आदेश के अनुपालन में संबंधित राजस्व अधिकारियों को राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने और भूमि के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि भूमि क्रय-विक्रय की प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और भू-कानून के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।