रामनगर कॉलेज छात्रसंघ चुनाव: नामांकन जांच पूरी, 28 सितंबर को होगी आम सभा।
गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता
रामनगर, 26 सितंबर। पी.एन.जी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर में छात्रसंघ निर्वाचन 2026-27 को लेकर नामांकन पत्रों की जांच और नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जांच के बाद विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। नाम वापसी के निर्धारित समय में किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया।
अंतिम सूची के अनुसार अध्यक्ष पद पर विशाखा चौहान, सूरज रावत और नीरज कंडारी मैदान में हैं। उपाध्यक्ष (छात्र) पद पर दीपांशु, उपाध्यक्ष (छात्रा) पद पर ईशा नेगी और यशोदा, सचिव पद पर ललित कांडपाल और रोहित जोशी तथा संयुक्त सचिव पद पर नेहा शर्मा, विनीता रावत और अमृत कौर के नामांकन वैध पाए गए हैं।
इसी तरह सांस्कृतिक सचिव पद पर प्रियांशु लखचौरा, दीपांशु आर्या और साक्षी, कोषाध्यक्ष पद पर सृष्टि तथा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर विकास सिंह और भुवन चंद्र जोशी चुनाव मैदान में हैं।
वहीं, कोषाध्यक्ष पद के लिए सुहानी तथा संकाय प्रतिनिधि वाणिज्य पद के लिए पूजा बिष्ट के नामांकन पत्र अवैध पाए गए।
नामांकन पत्रों की जांच के लिए गठित समिति ने प्रत्याशियों की ओर से प्रस्तुत अभिलेखों और पात्रता का निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षण किया। नामांकन वापसी समिति में प्रो. ऊषा पंत संयोजक, डॉ. शलभ गुप्ता सह-संयोजक तथा डॉ. पवन कुमार टम्टा, डॉ. नीमा राणा और डॉ. शकीबाजबीन सिद्दीकी सदस्य रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. महिपाल सिंह के निर्देशन में निर्वाचन प्रक्रिया के दोनों चरण निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संपन्न कराए गए। अब 28 सितंबर को महाविद्यालय परिसर में आम सभा आयोजित होगी। इसमें विभिन्न पदों के प्रत्याशी छात्र-छात्राओं के सामने अपने विचार और चुनावी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
महाविद्यालय प्रशासन ने आम सभा के दौरान सभी प्रत्याशियों से निर्वाचन नियमों और आचार-संहिता का पालन करने की अपील की है। प्राचार्य प्रो. एम.सी. पांडे ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और अनुशासन के साथ निर्धारित नियमों के अनुसार कराई जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों और प्रत्याशियों से शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में चीफ प्रॉक्टर प्रो. लव कुश, डॉ. सिराज अहमद, डॉ. अभिषेक गोयल, प्रो. जानकी सुयाल, प्रो. मीना शर्मा, डॉ. पंकज प्रियदर्शी, डॉ. प्रभाकर त्यागी और डॉ. शंकर राम ने भी सहयोग किया।

