मानसून में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर संयुक्त फ्लैग मार्च, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई सतर्कता।
गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता
रामनगर, 27 सितंबर। मानसून सत्र के मद्देनजर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर वन विभाग की विभिन्न टीमों ने संयुक्त फ्लैग मार्च किया। कालागढ़ उप प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदर पाल के नेतृत्व में ढेला, झिरना और कालागढ़ रेंज की एसओजी यूनिट, कार्बेट टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व और तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से गश्त की।
फ्लैग मार्च की शुरुआत कालागढ़ रेंज स्थित वन विश्राम भवन से हुई। इस दौरान टीम ने कालागढ़ से यूपी सीमा होते हुए मीरापुर, कल्लूवाला, केरीपुर, बादीगढ़, रायपुर बैरियर, नगीना और धरमपुर तक गश्त की। इसके बाद जसपुर, कुंडा चौराहा, गढ़ीनेगी, मालधन, हाथीडगर चौकी, सेमलखलिया, सावल्दे और बबलिया बैरियर होते हुए ढेला वन विश्राम भवन पहुंची।
इस दौरान वन क्षेत्रों से लगे आबादी वाले इलाकों में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर वन एवं वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को देने के लिए जागरूक किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में चेकिंग अभियान भी चलाया गया।
उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदर पाल ने बताया कि मानसून के दौरान लगातार बारिश से गश्ती मार्ग, वन मार्ग और मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। घनी झाड़ियों तथा नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण वन एवं वन्यजीव सुरक्षा का कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में संयुक्त गश्त और फ्लैग मार्च के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
ढेला वन विश्राम भवन पहुंचने के बाद फ्लैग मार्च की डी-ब्रीफिंग की गई। इस दौरान अधिकारियों ने वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार और अवैध कटान की रोकथाम, आपसी समन्वय तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
फ्लैग मार्च में वन क्षेत्राधिकारी ढेला ललित जोशी, वन क्षेत्राधिकारी झिरना अभय जोशी, वन क्षेत्राधिकारी कालागढ़ नंद किशोर रुवाली, वन क्षेत्राधिकारी सुरक्षा इकाई संजय पांडे सहित अमानगढ़ टाइगर रिजर्व और विभिन्न रेंजों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

