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ज्योलिकोट में जलजनित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी, 235 लोगों की स्क्रीनिंग।

ज्योलिकोट में जलजनित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान जारी, 235 लोगों की स्क्रीनिंग।

 

गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता

 

नैनीताल, 18 सितंबर। जलजनित रोगों से प्रभावित ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमों द्वारा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और लोगों को बीमारी से बचाव की जानकारी दी जा रही है।

 

 

 

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शुक्रवार को सचल स्वास्थ्य वाहन के माध्यम से सूफी और गैठिया क्षेत्रों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा जरूरत के अनुसार दवाइयां वितरित की गईं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मार्तोलिया ने दोनों क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें जलजनित रोगों से बचाव, स्वच्छ पेयजल और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।

 

 

 

इसके अलावा स्वास्थ्य टीमों ने भल्यूटी, गांजा, सरियाताल और ज्योलिकोट क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार को लेकर लोगों को जानकारी दी गई।

 

 

 

वहीं रॉयल होटल, सुखताल, पिटारिया, स्टाफ हाउस, 7 नंबर और अयारपाटा क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों ने 235 लोगों की स्क्रीनिंग की और 150 HAV रैपिड टेस्ट किए। स्वास्थ्य शिविरों और सचल स्वास्थ्य वाहन के माध्यम से 197 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि 30 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। एक व्यक्ति को टेलीमेडिसिन के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सक से काउंसलिंग दी गई।

 

 

 

पीएचसी ज्योलिकोट में 61 लोगों की जांच, 5 भर्ती

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में भी 61 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 5 मरीजों को उपचार के लिए भर्ती किया गया।

 

 

 

14416 पर विशेषज्ञ चिकित्सक से ले सकते हैं परामर्श

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि 14416 हेल्पलाइन के माध्यम से लोग सीधे विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और काउंसलिंग ले सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमारी के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराएं।

 

 

 

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग कर रही हैं। लोगों से स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।