ज्योलिकोट में जल जनित रोगों का बढ़ा खतरा, 163 लोगों की जांच; घर-घर पहुंची स्वास्थ्य टीमें।
गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता
नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच तेज कर दी है। स्वास्थ्य टीमों ने विभिन्न शिविरों में 163 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 98 लोगों की जांच कर 13 मरीजों को भर्ती किया गया।
प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सैंपलिंग के दौरान 65 ब्लड सैंपल लिए गए हैं। वहीं पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए चार पानी के सैंपल भी लिए गए। सचल चिकित्सा वाहन से 43 लोगों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं दी गईं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित करने के साथ जल जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा समेत प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं।
ज्योलिकोट पीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टर भी मरीजों की जांच कर रहे हैं। 11 सितंबर को विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ओपीडी सेवाएं दीं, जबकि 12 सितंबर को वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जे.सी. भंडारी और उनकी टीम मरीजों को विशेष ओपीडी सेवाएं देगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने स्वास्थ्य टीमों को घर-घर जाकर निगरानी रखने और लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार के निर्देश दिए हैं। बीडी पांडे जिला अस्पताल नैनीताल और बेस अस्पताल हल्द्वानी में भी मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

