ज्योलीकोट में जल जनित रोगों के प्रकोप पर सीडीओ का निरीक्षण, अधिकारियों को सख्त निर्देश।
गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता
घर-घर होगी ब्लड व वायरस सैंपलिंग, दूषित जल स्रोतों को किया जाएगा सील; लापरवाही पर होगी कार्रवाई
नैनीताल, 7 सितंबर। ज्योलीकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों से लोगों के बीमार होने की सूचना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने ज्योलीकोट क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट के साथ गाजा, सरियाताल, छीड़ा समेत आसपास के गांवों का दौरा कर बीमार लोगों का हाल जाना और अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने क्षेत्र के जल स्रोतों का जायजा लिया। उन्होंने बीरभट्टी में सीवरेज लाइन का भी निरीक्षण किया, जहां चैंबर से हो रहे लीकेज और उसकी मरम्मत व शिफ्टिंग कार्य की जानकारी ली। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को सीवरेज लाइन की मरम्मत का काम तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र में घर-घर जाकर ब्लड और वायरस सैंपलिंग की जाए। स्वास्थ्य टीमें ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने के साथ स्वास्थ्य शिविर लगाएंगी। बीमार लोगों का समुचित उपचार करने, जरूरत पड़ने पर उन्हें समय से हायर सेंटर रेफर करने और उनके घर जाकर नियमित निगरानी व दवा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ लगातार क्षेत्र में मौजूद रहेगी और ग्रामीणों के बीच जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी को आयुष्मान योजना के तहत अनुबंधित अस्पतालों की सूची क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने और मरीजों को जरूरत पड़ने पर तत्काल निःशुल्क उपचार दिलाने के निर्देश दिए गए।
हर जल स्रोत की होगी जांच
पेयजल को लेकर सीडीओ ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर जल स्रोत की नियमित सैंपलिंग, क्लोरीनेशन और पानी की शुद्धता की जांच की जाए। पिछले तीन महीनों में पेयजल टैंकों, जल स्रोतों और घरों से लिए गए सभी सैंपलों की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा गया।
सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्रोत से लेकर अंतिम घर तक पानी के सैंपल लिए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परिवार तक दूषित पानी न पहुंचे। जांच में दूषित पाए जाने वाले जल स्रोतों को तहसीलदार नैनीताल के माध्यम से सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। जिस भी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीडीओ ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि बीमारी के किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने या किसी व्यक्ति के बीमार होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते उपचार और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र प्रमुख भीमताल डॉ. हरीश बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु पाण्डे, ग्राम प्रधान बेलवाखान डॉ. बबीता मनराल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम अशोक कटारिया, एपीडी चंद्रा फर्त्याल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान मनीष पिल्लई, तहसीलदार अक्षय भट्ट, चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

