मुख्यमंत्री धामी ने सर्राफ मंडल की एग्जीबिशन का किया अवलोकन, पारंपरिक आभूषणों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ पहचान दिलाने पर जोर।
गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित होटल में सर्राफ मंडल देहरादून की ओर से आयोजित भव्य आभूषण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न प्रकार के आभूषणों, पारंपरिक डिजाइनों और स्वर्णकारों की कला व हुनर को देखा और आयोजकों व स्वर्णकार समाज को आयोजन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर को नई पहचान दिलाने का काम करते हैं। स्वर्णकार समाज सिर्फ आभूषण तैयार नहीं करता, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों से स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी हुनर को नए अवसर मिल रहे हैं। भारत को वैश्विक ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपकली हार, कुमाऊंनी गुलोबंद, पिचौरा हार और झूमका जैसे पारंपरिक आभूषणों को आधुनिक डिजाइन और बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित कर ‘लोकल टू ग्लोबल’ बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कारीगरों और स्वर्णकारों के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवा पीढ़ी भी अपनी संस्कृति व परंपराओं से जुड़ सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक कौशल और स्वर्णकारों के कौशल विकास के लिए आवश्यक योजनाएं तैयार कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
इस दौरान सर्राफ मंडल देहरादून के पदाधिकारी, स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधि, आभूषण व्यवसायी, कारीगर और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

