उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट, 179 ट्रेकर्स की जान बचाने के लिए सुबह छह बजे से शुरू होगा हवाई रेस्क्यू।
गुरजोत सिंह राठौर – संपादक
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार देर शाम मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेशभर में बारिश से उत्पन्न हालात की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि जनजीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्य सचिव ने बंद सड़कों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, नदियों के जलस्तर, बिजली-पानी की आपूर्ति और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए और प्रभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड मशीनों तथा तकनीकी टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने उत्तरकाशी और बागेश्वर में फंसे 179 ट्रेकर्स के रेस्क्यू अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने सोमवार सुबह छह बजे से हेलीकॉप्टरों के जरिए रेस्क्यू अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। दोनों जिलों में फंसे 13 ट्रेकिंग दलों के सभी सदस्यों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों की पर्याप्त व्यवस्था करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने को कहा।
मुख्य सचिव ने रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की मेडिकल स्क्रीनिंग कराने और जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश तथा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने रेस्क्यू में लगे हेलीकॉप्टरों में सैटेलाइट फोन और पर्याप्त ईंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
इसके अलावा चारधाम यात्रा का संचालन मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार करने, नदियों के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों की विशेष निगरानी करने को भी कहा गया।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर जल्द रिपोर्ट भेजने और प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए। वहीं, 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान में तेजी लाने को कहा।
बैठक में डेंगू की रोकथाम के लिए जलभराव वाले क्षेत्रों में सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे रहने को कहा।

