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सुंदरखाल के आपदा प्रभावित परिवारों ने उठाई विस्थापन की मांग, जल्द पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी।

सुंदरखाल के आपदा प्रभावित परिवारों ने उठाई विस्थापन की मांग, जल्द पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी।

 

गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता

 

रामनगर। वन ग्राम सुंदरखाल के आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास की मांग को लेकर पर्वतीय भूमिहीन शिल्पकार समिति के तत्वावधान में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने लंबे समय से लंबित विस्थापन प्रक्रिया को लेकर शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई।

 

 

 

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सुंदरखाल क्षेत्र में लगातार आपदा का खतरा बना हुआ है। बरसात के दौरान नालों और संवेदनशील इलाकों में भू-कटाव के चलते ग्रामीणों को जान-माल की चिंता रहती है। ऐसे में प्रभावित परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द शुरू की जानी चाहिए।

 

 

 

नेकी की दीवार के संयोजक तारा घिल्डियाल ने कहा कि सुंदरखाल के आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सुंदरखाल समेत रामनगर क्षेत्र के वन ग्रामों के लोगों से विकास और विस्थापन के वादे किए जाते हैं तो उन पर गंभीरता से अमल भी होना चाहिए।

 

 

 

ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सुंदरखाल के विस्थापन की मांग पूरी नहीं होती, तब तक सड़क से लेकर शासन स्तर तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। बैठक में इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने और शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का निर्णय लिया गया।

 

 

 

बैठक में पर्वतीय भूमिहीन शिल्पकार समिति के अध्यक्ष खुशाली राम, सचिव राजेंद्र कुमार, मलिकाना हक संघर्ष समिति के अध्यक्ष एस. लाल, मनोनीत ग्राम प्रधान चंदन राम, गौरा देवी, सदुली देवी, मानुली देवी, अंबिका देवी, मोतुली देवी, चंदन प्रकाश, खीमानंद, मुरारीलाल, भुवन चंद्र, लीलाराम समेत कई ग्रामीण और समिति पदाधिकारी मौजूद रहे।