धामी के जन्मदिन पर पिरूमदारा में सजा सम्मान और संस्कृति का मंच, कोश्यारी ने कहा—आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा।
गुरजोत सिंह राठौर – संपादक
रामनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर पिरूमदारा में संस्कृति, सम्मान और सामाजिक सरोकार से जुड़ा भव्य समारोह आयोजित किया गया। उत्तराखंड किसान आयोग के सदस्य संजय डौरवी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 50 से अधिक विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की लोक संस्कृति के रंग भी देखने को मिले। लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों और लोक नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
50 से अधिक प्रतिभाओं का सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन को समर्पित समारोह में रामनगर क्षेत्र की उन प्रतिभाओं और व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जो शिक्षा, समाजसेवा, कला, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। आयोजकों ने कहा कि कई प्रतिभाएं बेहतर कार्य करने के बावजूद व्यापक स्तर पर पहचान नहीं बना पातीं, ऐसे लोगों को सम्मान का मंच देना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।
कोश्यारी बोले—आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने आयोजन के लिए संजय डौरवी और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा।
उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि अगले दस वर्षों में उत्तराखंड आत्मनिर्भर बने। कोश्यारी ने मीडिया से भी गांव-गांव और क्षेत्र-क्षेत्र जाकर समाज के लिए बेहतर कार्य करने वाले लोगों की उपलब्धियों को सामने लाने की अपील की, ताकि उनकी मेहनत और योगदान को उचित पहचान मिल सके।
संजय डौरवी बोले—हर प्रतिभा को मिले सम्मान
आयोजक एवं उत्तराखंड किसान आयोग के सदस्य संजय डौरवी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह विशेष अवसर है कि उनके मार्गदर्शक भगत सिंह कोश्यारी कार्यक्रम में पहुंचे।
डौरवी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य रामनगर क्षेत्र की उन विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित करना है, जिनका समाज में महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन किसी कारणवश उनकी उपलब्धियां सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि समाज में बेहतर कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी प्रतिभा और योगदान को सम्मान देने का प्रयास होना चाहिए।
लोक संस्कृति ने बांधा समां
सम्मान समारोह के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और लोक नृत्य ने पिरूमदारा के माहौल को पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
इस तरह मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन के बहाने आयोजित समारोह सम्मान, सामाजिक सरोकार और उत्तराखंड की लोक संस्कृति का संगम बन गया। 50 से अधिक विशिष्ट विभूतियों का सम्मान और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।

