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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रदेशभर से आई बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र, बोले—महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रदेशभर से आई बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र, बोले—महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता।

 

गुरजोत सिंह राठौर – सवांददाता

 

देहरादून। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से पहुंची बहनों और मातृशक्ति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षा सूत्र बांधा। बहनों ने मुख्यमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनका आभार जताया और प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह व आशीर्वाद उन्हें उत्तराखंड की सेवा और राज्य के विकास के लिए निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की मजबूत आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं से महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

 

 

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भी महिलाओं के कल्याण और स्वावलंबन के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य की सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री की लखपति दीदी की परिकल्पना को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है और प्रदेश में 3 लाख 09 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पाद, कृषि, हस्तशिल्प और स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दे रही हैं।

 

 

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने राज्य निर्माण से लेकर प्रदेश के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, कृषि, स्वरोजगार, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र समेत हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त उत्तराखंड और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

 

 

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई मातृशक्ति मौजूद रही।